राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मिटाएगा बच्चों का कुपोषण

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मधुबनी

3 मार्च से 10 मार्च तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस,

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंगनबाड़ी केंद्रों तथा पोषक क्षेत्र में बच्चों को खिलाएंगी एल्बेंडाजोल दवा

1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी दवा

बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने तथा रक्त की कमी की समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बच्चों को पेट में कीड़ा मारने की कृमि से मुक्ति की दवा खिलाई जाएगी। बच्चों में कृमि संक्रमण अस्वच्छता तथा दूषित मिट्टी के संपर्क में आने से होती है. कृमि संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर तथा हीमोग्लोबिन स्तर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चों में शारीरिक व बौद्धिक विकास बाधित होता है। भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि मुक्ति करने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम जिले में 3 मार्च से 10 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. अभियान के तहत आंगनबाड़ी जाने वाले लक्षित 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों तथा स्कूल जाने वाले 6 वर्ष 19 वर्ष तक के बच्चों एवं स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को आशा कार्यकर्ता द्वारा गृहघर भ्रमण कर एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 द्वारा निर्गत निर्देश जैसे- सामाजिक दूरी, व्यक्तिगत स्वच्छता, मास्क, सेनीटाइजर का उपयोग आवश्यक होगा।

3 मार्च से 10 मार्च तक को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, चलेगा अभियान :

प्रदेश के 13 जिलों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, एवं शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिनकी निगरानी में स्कूलों में दोपहर के भोजन के बाद बच्चों को कृमि नाशक दवा खिालाई जाएगी। इस दवा के सेवन से वंचित रहने वाले सभी छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाकर दवा खिलाई जाएगी।

दवा का सेवन कराते समय बरतनी होगी यह सावधानी:

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बच्चों को दवा खिलाते समय कुछ सावधानी भी बरतनी होगी। जैसे कि अगर किसी बच्चों की कोई गम्भीर बीमारी का इलाज चल रहा है और वह नियमित रूप से दवा खा रहा है, कोई भी बच्चा सर्दी ,खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ से बीमार है तो, उसे यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। साथ ही बच्चा अगर कोविड-19 ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आया है तो इसकी भी पुष्टि करनी होगी। दवा नुकसान नहीं करेगी लेकिन सावधानी के तहत ऐसे बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली को चुरा बनाकर पानी के साथ, 2 से 3 वर्ष एक पूरी गोली चुरा बनाकर पानी के साथ तथा 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक पूरी गोली चबाकर खिलाया जाना है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के उद्देश्य:

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य बच्चों के समग्र स्वास्थ्य पोषण की स्थिति, शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के लिए विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष की आयु के बीच के विद्यालय जाने से पहले और विद्यालय आयु के बच्चों (नामांकित तथा गैर नामांकित) को कीड़े समाप्त करने की दवा(कृमि नाशक) देना है।

ऐसा होने पर घबराने की जरूरत नहीं:

दवा खिलाते समय यह ध्यान रखे बच्चे दवा का चबाकर खाएं, जिन बच्चों के पेट में कीडों की अधिकता होगीं उनके द्वारा दवा का सेवन करने पर मामूली लक्षण सामने आएगें जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। जैसै दवा खाने के बाद जी मचलना, पेट में हल्का दर्द, उल्टी, दस्त और थकान महसूस होना, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। पेट में कीड़ा होने के कारण यह प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देगा। इस दौरान बच्चों को आराम की सलाह दे तथा उसे लेट जाने को कहे, 10 मिनट में समस्या स्वयं ही दूर हो जाएगी।

कृमि संक्रमण के लक्षण
-कृमि संक्रमण पनपने से बच्चे कुपोषित हो जाते है।
-बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाती है।
-बच्चे हमेशा थकान महसूस करते है
-बच्चों का शारीरिक मानसिक विकास भी बाधित हो जाता है।
-बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की भी कमी हो जाती है।

कृमि संक्रमण से बचाव के उपाय
-नाखून साफ और छोटे रखें,
-हमेश साफ और स्वच्छ पानी ही पीऐं,
-खाने को ढक कर रखें
-साफ पानी में फल व सब्जियां धोएं
-अपने हाथ साबुन से धोए विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने कके बाद
-घरों के आसपास साफ-सफाई रखें
-खुले में शौच न करे हमेशा शौचालय का प्रयोग करें

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shyam ji

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