लदनियां प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल सात निश्चय योजना करीब 45 करोड़ राशि व्यय के बाद भी एक भी पंचायत पूर्ण आच्छादित नहीं

लदनियां प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल सात निश्चय योजना करीब 45 करोड़ राशि व्यय के बाद भी एक भी पंचायत पूर्ण आच्छादित नहीं
WhatsApp Image 2021-01-08 at 15.08.21
WhatsApp Image 2021-01-17 at 13.22.37
tall copy
Untitled-1
WhatsApp Image 2021-03-05 at 1.52.50 PM

लदनियां से
इंद्रमोहन मिश्र की रिपोर्ट
लदनियां प्रखण्ड क्षेत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ग्रामीण पेयजल एवं गली नाली योजनाओं का हाल बदतर है। करीब 45 करोड़ रुपये व्यय के बाद भी पंद्रह में एक भी पंचायत में नलजल का पूर्ण आच्छादित नहीं होना जांच का विषय है।
वैसे बीडीओ लदनियां ने डीएम को भेजे प्रपत्र में 207 में से 178 नलजल योजनाओं को पूर्ण एवं 29 ही अपूर्ण दिखाते हैं। वहीं 213 गली नाली योजनाओं में 2 गलिनाली योजना को अपूर्ण दिखाते जबकि दर्जनों वार्ड है जहां गली नाली का लाभ लोगों को नहीं मिल सका।
बिडम्बना है 17 अप्रैल 020 को बीडीओ ने डीएम को भेजे प्रपत्र में दो दर्जन से अधिक योजना है जो कार्य शुरू से ही पहले योजना पूर्ण होने का प्रपत्र डीएम को भेजे हैं।
दर्जनों नलजल योजनाओं में नल से एक बूंद जल नहीं निकला जबकि योजना पूर्ण होने का दावा बीडीओ द्वारा किया जा चुका है। 50 से अधिक वार्ड में नलजल योजना निष्फल व्यय योजना के श्रेणी में है।
खेद है कि पूर्व पंचायती राज मंत्री स्व. कपिलदेव कामत एवं विभागीय अपर प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा के 3 सितंबर 020 को मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल सात निश्चय योजना में गड़बड़ी जांच को लेकर वीसी में दिये निर्देश का अनुपालन 6 माह के बाद भी सम्बंधित विभाग के पदाधिकारियों द्वारा अंगूठा दिखाया जाना जांच का विषय बन चुका है।आखिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लोक महत्वाकांक्षी नलजल योजना की जांच को विभागीय पदाधिकारी गम्भीरता से क्यों नहीं लिया। जबकि कैबिनेट से नलजल पार्ट की शुरु किये जाने की स्वीकृति मिल चुकी है।
बिडंबना है कि नलजल योजना मद से लदनियां प्रखंड में तकरीबन 50 करोड़ रुपये व्यय हो चुका है जबकि 15 में से एक भी पंचायत नलजल से पूर्ण आच्छादित हो सका।
मामला लदनियां प्रखंड के पद्मा पंचायत के वार्ड संख्या 8 एवं 13 का है। मिली जानकारी के अनुसार योजना 017-018 का है। तत्कालीन बीडीओ नवल किशोर ठाकुर ने 17 अप्रैल 2020 को उक्त नलजल योजना को पूर्ण होने का डीएम को प्रतिवेदन भेजा। जबकि जुलाई माह में बीपीआरओ नरेन्द्र प्रसाद ने पद्मा पंचायत के नलजल योजनाओं को जांचोपरांत वार्ड संख्या 8, 9, 10, 12 एवं 13 को वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति अध्यक्ष एवं सचिव को कार्य पूर्ण करने में तेजी लाने एवं वार्ड संख्या 8 एवं 13 में जलापूर्ति में होने रहे गड़बड़ी को मरम्मती करवाने का निर्देश दिया। बीपीआरओ के निर्देश को अनुपालन नहीं किया। अधूरी योजना को ही 28 अगस्त को आनन फानन मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन करवाया गया।
सन्मार्ग में 30 अगस्त को लदनियां प्रखंड से नलजल से नहीं निकला एक बूंद भी जल प्रकाशित खबर को विभागीय मंत्री और अपर प्रधान सचिव ने गम्भीरता से लिया और 2 सितंबर को वीसी कर लदनियां प्रखंड के पद्मा पंचायत में वार्ड संख्या 8 एवं 13 में नलजल योजना को जांच का आदेश दिया। चार माह गुजरने के बाद भी विभागीय मंत्री एवं प्रधान सचिव के वीसी में दिए निर्देश का अनुपालन नहीं कर सका।
इधर बीडीओ अखिलेश्वर कुमार से जब इस सम्बंध में पूछा गया तो उन्होंने दो दिनों के अंदर जांच का आश्वासन दिया। एक सप्ताह गुजरने के बाद भी वे अपने आश्वासन का कार्य रुप नहीं दे सका।
जांच का विषय है आखिर मुख्यमंत्री के लोक महत्वाकांक्षी योजना में जांच से पदाधिकारी कन्नी काटते हैं।

 109 total views,  2 views today

shyam ji

shyam ji

Leave a Reply