डीडीसी ने लिया चकिया और मेहसी में एईएस वार्ड का जायजा

डीडीसी ने लिया चकिया और मेहसी में एईएस वार्ड का जायजा
WhatsApp Image 2021-01-08 at 15.08.21
WhatsApp Image 2021-01-17 at 13.22.37
tall copy
WhatsApp Image 2021-01-26 at 12.25.37
Untitled-1

मोतिहारी
– आवश्यक उपकरण एवं दवाओं की पूर्ति का दिया आदेश
– मेहसी में दो बेड बढ़ाने का निर्देश

अस्पतालों में चमकी वार्ड तथा उपचार की व्यवस्था का हाल जानने डीडीसी कमलेश कुमार सिंह मंगलवार को चकिया तथा मेहसी में थे। जहां उन्होंने अस्पताल में दी जानी वाली सुविधाओं तथा चमकी वार्ड में मौजूद उपकरणों तथा दवाओं की जानकारी ली। डीडीसी सिंह मेहसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा चकिया में मौजूदा साफ-सफाई तथा व्यवस्था से काफी संतुष्ट दिखे। वहीं मेहसी में मौजूद दो बेड के एईएस वार्ड को चार बेड का करने का आदेश दिया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एईएस के लिए डॉक्टर तथा नर्सों के रोस्टर निर्माण का भी आदेश के साथ चमकी वार्ड के लिए आवश्यक दवा तथा उपकरण की खरीद करने को भी कहा। डीडीसी ने चकिया निरीक्षण के दौरान चमकी वार्ड के लिए 18 स्वास्थ्य उपकरणों तथा 7 तरह की दवाओं की आवश्यक लिस्ट बनाकर जल्द ही खरीदने के निर्देश दिए| चमकी के लिए 6 बेड को रिजर्व भी रखने की बात कही। वहीं महादलित टोलों में चौपाल के माध्यम से अन्य विभाग की सहभागिता को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आदेश दिया। एईएस के केस में एसओपी के साथ प्राथमिक इलाज करने के बाद ही रेफर करने का आदेश भी दिया।

चमकी को लेकर की जा रही पूरी तैयारी
मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वार प्रसाद सिंह ने कहा कि चमकी एक जानलेवा बीमारी है| यह मुख्यत: छह माह की उम्र से 15 साल के बच्चों में ज्यादा देखा गया है। इस बार चमकी को लेकर हम पहले से ही सजग हैं। चमकी में शुरुआती 30 मिनट काफी अहम होते हैं। चमकी का इलाज सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध है| इसलिए प्राइवेट प्रैक्टिशनर के चक्कर में न फंस जल्द से जल्द बच्चे को अस्पताल पहुंचाएं। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, केयर डीटीएल अभय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
मधुबन में भी हो रही समयपूर्व तैयारी
मधुबन प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा सभागार में समिति की बैठक की गयी जिसमें एईएस के लिए संबंधित हेल्थ पार्टनर तथा विभाग को अलग-अलग जवाबदेही दी गई| जवाबदेही के दौरान केयर के प्रखंड प्रबंधक एवं यूनिसेफ के बीएमसी को वार्ड का निरीक्षण कर दवा एवं इंस्ट्रूमेंट का गैप तैयार करना, आशा का उन्मुखीकरण प्रखंड कम्युनिटी मोबिलाइजर को करना, सेविका का उन्मुखीकरण बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को करना, विकास मित्र का उन्मुखीकरण प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को करना एवं जीविका दीदी का उन्मुखीकरण केयर के प्रखंड प्रबंधक को करना, तथा उपरोक्त गतिविधि का प्रतिवेदन तैयार करने की जवाबदेही समिति की अलग-अलग सदस्यों को दी गई| बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि पिछले साल 56 बच्चा बुखार से पीड़ित होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए आये जहां 36 बच्चे को उपचार कर घर जाने की हेतु डिस्चार्ज कर दिया गया एवं 21 बच्चे को उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर किया गया जिसमें 9 बच्चे को चमकी बुखार का लक्षण पाया गया| 9 बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर चले गए| पिछले साल एक भी बच्चा की मृत्यु चमकी बुखार के चलते नहीं हुई | इस बार भी समिति के सभी सदस्यों के द्वारा निर्णय लिया गया कि एक भी बच्चे की मृत्यु ना हो इसके लेकर कार्य योजना पर कार्य किया जायेगा। बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड प्रबंधक केयर इंडिया सतीश कुमार सिंह ,प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार, बीएमसी प्रज्ञा रंजन, बीसीएम ब्रजकिशोर सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
चमकी बुखार के लक्षण :

– इसमे बच्चे को बहुत ही तेज बुखार होता है।
– जिसके बाद उसे चमकी आनी शुरू हो जाती है।
– मुंह से झाग आता है ।
– बेहोशी की स्थिति हो जाती है।

बचाव के उपाय:
– बच्चे को रात में बिना खाना खाए ना सोने दें।
– सोने से पहले रात के भोजन में मीठा वस्तु जरूर खिलाएं ।
– रात में तीन चार बार उसके शरीर की जांच करें कि बच्चा बेहोश तो नहीं
-ज्यादा बुखार होने पर उसे दवाई देते रहें एवं पट्टियां लगाते रहें ।
– सुबह उठकर भी माता-पिता अपने बच्चे को जगा कर उसकी स्थिति पर ध्यान दें।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही इलाज कराएँ ।

 33 total views,  1 views today

shyam ji

shyam ji

Leave a Reply