बनमनखी में उत्तर भारत का पहला मॉडल पीपीटीसीटी केंद्र खुलने से सीमांचल के लोगों को होगा फायदा

बनमनखी में उत्तर भारत का पहला मॉडल पीपीटीसीटी केंद्र खुलने से सीमांचल के लोगों को होगा फायदा
WhatsApp Image 2021-01-08 at 15.08.21
WhatsApp Image 2021-01-17 at 13.22.37
tall copy
Untitled-1
WhatsApp Image 2021-03-05 at 1.52.50 PM

पूर्णिया से ब्यूरो रिपोर्ट श्याम नन्दन

पूर्णिया के बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में उत्तर भारत का पहला मॉडल पीपीटीसीटी केंद्र बनाया गया हैं. जिसका विधिवत उद्घाटन पूर्णिया के जिलाधिकारी राहुल कुमार ने किया. इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा, बिहार राज्य एड्स कॉन्ट्रोल सोसाइटी के सहायक प्रोजेक्ट निदेशक डॉ अभय प्रसाद, आईसीटीसी के सहायक निदेशक मिथिलेश पाण्डेय एवं पर्यवेक्षक बैजनाथ प्रसाद मौजूद थे. साथ ही एसडीओ बनमनखी नवनील कुमार, आरपीएम नजमुल होदा, डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रिंस कुमार सुमन, स्वास्थ्य प्रबंधक अभिषेक कुमार आनंद,सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.

प्रसव पूर्व जांच, प्रसव के समय और प्रसव के बाद देखभाल के लिए पीपीटीसीटी सेवाएं मिलने से स्थानीय स्तर से लेकर आसपास के जिले में रहने वालों को बहुत ज्यादा सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई हैं. इसे परिवार नियोजन सेवाओं में भी शामिल किया गया है. पीपीटीसीटी सेवाओं में किया जाने वाला प्रयास मुख्य रूप से बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक विकसित हुआ है. इनके अंतर्गत एचआईवी बाधित महिलाओं से जुड़े विषयों को लेकर स्वास्थ्य विभाग बहुत ज़्यादा सजग हुआ है.

जिलाधिकारी राहुल कुमार ने बताया अनुमंडलीय अस्पताल में संचालित पीपीटीसीटी सेन्टर में स्थानीय स्तर के अलावा आसपास के इलाकों के मरीजों की जांच की जाती है. इस जांच केंद्र में अभी तक पूर्णिया जिले के बनमनखी, धमदाहा, बड़हरा कोठी, मधेपुरा जिले के मुरलीगंज सहित कई अन्य प्रखंडों से आने वाली गर्भवती महिलाओं की काउंसिलिंग की जाती थी. इसके साथ ही पड़ोसी ज़िले सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया जिले के भरगामा प्रखंड से आने वाले मरीजों की काउंसिलिंग करने के बाद उसकी जांच की जाती है.

पीपीटीसीटी के माध्यम से एड्स से संक्रमित मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच एवं परामर्श की सुविधा एक स्वस्थ माहौल में मिलनी शुरू हो गई है. अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में ही एक कमरे को सुसज्जित तरीक़े से सजाया गया है. जहां पर हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं. आने वाले हर मरीज को परामर्श के साथ ही एचआईवी जांच कराने वालों के लिए बैठने के लिए एक प्रतीक्षालय कक्ष भी बनाया गया है.

सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया एचआईवी के संक्रमण के प्रति जागरूकता और इससे बचाव के लिए वर्ष 2007 में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा आईसीटीसी की स्थापना की गई थी. इस पीपीटीसीटी पर आने वाले सभी नारीजों को काउंसलर के द्वारा परामर्श दी जाती है. उसके बाद लैब टेक्नीशियन के द्वारा जांच की व्यवस्था की गई है.

बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में ही पीपीटीसीटी संचालित हैं. जहां आमजनों के साथ ही गर्भवती महिलाओं की एचआईवी एड्स की जांच करने की सुविधा उपलब्ध है. आकलन की जरूरत इसलिए पड़ती है, क्योंकि ऐसे महत्वपूर्ण संकेतकों को मापने का कोई भरोसेमंद उपाय नहीं है, जिनका इस्तेैमाल दुनिया भर के देशों में एड्स जैसी महामारी की निगरानी करने और इस दिशा में उठाये जाने वाले कदमों के आकलन के लिए किया जाता है.

 47 total views,  1 views today

shyam ji

shyam ji

Leave a Reply