जम्मू कश्मीर के आतंकियों को बिहार से मिल रहे हथियार

जम्मू कश्मीर के आतंकियों को बिहार से मिल रहे हथियार
WhatsApp Image 2021-01-08 at 15.08.21
WhatsApp Image 2021-01-17 at 13.22.37
tall copy
WhatsApp Image 2021-01-26 at 12.25.37
Untitled-1

बिहार
विजय कृष्ण अग्रवाल

बिहार से जम्मू- कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के लिंक होने की खबर ने प्रदेश पुलिस के लिए एक नयी समस्या खड़ी कर दी हैl बिहार से जम्मून-कश्मीैर व पाकिस्ता्न तक इस नेटवर्क के बने होने तथा आतंकियों द्वारा बिहार से भी हथियार मंगाने का खुलासा जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने किया है।
दिलबाग सिंह के अनुसार कश्मीर में सक्रिय आतंकी पंजाब में पढ़ने वाले कुछ कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल कर बिहार से हथियार खरीद रहे हैंl जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने लश्कर-ए-मुस्तफा के सदस्य हिदायतुल्ला मलिक और द रेजिस्टेंट फ्रंट के जहूर अहमद की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा करते हुए कहा था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद दिल्ली में बड़े धमाके की साजिश रच रहा है। पुलिस प्रमुख के अनुसार मलिक ने बिहार से अब तक सात पिस्टल मंगाई है, जिन्हें आतंकियों के बीच बांटा गया है। उनके अनुसार ये दोनों संगठन पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के अनुशांगी संगठन हैं।
इस खुलासे से एक बार पुनः यह साबित हुआ है कि बिहार में पाकिस्ता्नी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ की गहरी पैठ हो गयी है। बिहार में काफी लंबे समय से आतंकियों के स्लीमपर सेल मौजूद रहने की बात सामने आती रहती है। नेपाल के सीमावर्ती जिले आतंकवादियों का पनाहगाह माना जाता रहा है।
बिहार का मुंगेर लम्बे समय से अवैध हथियारों के निर्माण व तस्कारी का बड़ा केंद्र है। यहां पहले एक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री चलती थी जो अब बंद है। उसी फैक्ट्री के बेरोजगार हो चुके कारीगर अवैध हथियारों के निर्माण में संलग्न हैं। वो लोग नाइन एमएम की पिस्टल से लेकर एके-47 तक कोई भी हथियार बना सकते हैं और फिर ये हथियार आतंकियों व नक्समलियों तक पहुंचते रहे हैं। मुंगेर के एक कुएं में छिपाकर रखे गये बीस एके- 47 राइफल 2018 में बरामद किया गया था, जिनका सम्बन्ध मध्य प्रदेश के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से गायब पचास एक- 47 से थाl बरामद बीस एके- 47 के बाद पकड़े गए अपराधियों के सम्बन्ध आतंकियों व नक्सलियों से जुड़े मिले थे।
आतंकवादियों का बिहार से सम्बन्ध कोई नया नहीं है। इंटेलीजेंस की कई रिपोर्ट में बिहार के सीमांचल और मिथिलांचल में आतंकवादियों के सक्रियता की चर्चा होती रही है। नेपाल के सीमावर्ती पूर्वी व पश्चिमी चंपारण के साथ ही नेपाल सीमा से सटे कई जिलों में आतंकवादियों के आने जाने की चर्चा भी होती रही हैl वर्ष 2000 में सीतामढ़ी से दो आतंकवादी गिरफ्तार किए गए थे। 2014 से पहले देश में हुए कई बम धमाकों के मामलों में पकड़े गए आतंकियों में से एक दर्जन दरभंगा के ही निवासी निकले थे।
साल 2013 में आतंकी यासीन भटकल का गुर्गा मोहम्मद दानिश अंसारी को गिरफ्तार किसा गया था। इसके पहले 2012 मैं बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम धमाके के मामले में बिहार के ही मो. कफील अख्तर की गिरफ्तारी हुई थी। इसी साल बिहार के दरभंगा निवासी नदीम को दिल्ली धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इसके पहले 2011 में मधुबनी के अफजल और अहमद जमाली तथा दरभंगा के कतील सिद्दीकी को दिल्ली में पकड़ा गया था। 2008 में मधुबनी के सलाउद्दीन की तो मुंबई लोकल ट्रेन धमाके के सिलसिले में स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का आतंकी मो. कमाल भी बिहार के मधुबनी जिले का ही निवासी थाl
सीतामढ़ी जिले से हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकी मकबूल और जाहिर को गिरफ्तार किया गया था। पूर्वी चंपारण जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी यासीन भटकल और अब्दुल असगर उर्फ हड्डी भी गिरफ्तार किया गया था। आतंकियों के तार बिहार के नक्सटलियों से भी जुड़े रहे हैं, इसका खुलासा भी हुआ है। 2009 में दिल्ली धमाका के सिलसिले में गिरफ्तार मधुबनी के निवासी आतंकवादी मदनी ने दिल्लीय एटीएस को बताया था कि वह बिहार के नक्सलियों को विस्फोटक व हथियार मुहैया कराता था।
आतंकियों का स्थाथनीय स्तेर पर वारदात न कर बिहार में स्लीहपर सेल बनाने पर फोकस रहा हैl अपवाद स्वरूप 27 अक्टूबर 2013 को भारतीय जनता पार्टी के तत्काटलीन प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी व गुजरात के तत्कािलीन मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी की पटना के गांधी मैदान में आोयोजित चुनावी रैली के दौरान सीरियल धमाके हुए थे। जिसमें कई लोगों की जान गई थी। जांच में एनआइए ने इसे एक आतंकी घटना मानते हुए इसके पीछे बिहार व झारखंड के स्लीपर सेल का हाथ बताया था। जांच में पाया भी गया था कि बिहार के कई जिलों में आतंकियों के स्लीपर सेल बन गए हैं। बोधगया के महाबोधि मंदिर में आतंकी हमले की जांच में भी रोहंगिया आतंकी स्लीपर सेल की संलिप्तता उजागर हुई थी।

 64 total views,  1 views today

shyam ji

shyam ji

Leave a Reply