अचला सप्तमी व्रत से मिलती है सुख, समृद्धि व नीरोग

अचला सप्तमी व्रत से मिलती है सुख, समृद्धि व नीरोग
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नवीनगर(औरंगाबाद)

आरोग्य सप्तमी पर नवीनगर प्रखंड के टंडवा बाजार में गाजे बाजे के साथ भव्य जुलूस का आयोजन किया गया और मंदिर परिसर में भंडारा का आयोजन किया गया।
माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ आरोग्य सप्तमी मनाई जाती है। अचला सप्तमी को रथ भानू और अरोग्य सप्तमी के नाम से भी जानते हैं। यह ब्रह्मांड में ऊर्जा के एकमात्र स्रोत भगवान सूर्य के जन्म का दिन होता है।
सीताराम बैद्य बताते हैं कि अचला सप्तमी को रथ भानू और अरोग्य सप्तमी के नाम से भी जानते हैं। यह ब्रह्मांड में ऊर्जा के एकमात्र स्रोत भगवान सूर्य के जन्म का दिन होता है। इसी दिन से भगवान सूर्य अपने साथ घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर विचरण प्रारंभ करते हैं। इसे रथ आरोग्य सप्तमी कहा जाता है। सूर्य संपूर्ण ब्रह्मांड का न केवल ऊर्जा स्रोत है बल्कि यह स्वस्थ जीवन प्रदान करने वाले प्रत्यक्ष देवता है।
सुभाष पांडेय ने कहा कि सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है और जन्मकुंडली में सूर्य की प्रबलता जातक को उच्च पद, सम्मान, प्रतिष्ठा दिलवाती है। मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव ने सबसे पहले विश्व को प्रकाशित किया था। अचला सप्तमी के दिन सूर्यदेव की आराधना का अक्षय फल मिलता है एवं सभी प्रकार के तापों से मुक्ति मिलती है। सूर्य नारायण अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और निरोग होने का आशीर्वाद देते हैं। भविष्य पुराण की मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से सौभाग्य, सुंदरता और उत्तम संतान का वरदान मिलता है।
इस मौके पर पुजारी के साथ कमेटी अध्यक्ष राजेश कुमार अग्रवाल, भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरुण सिंह, अनिल गुप्ता, राहुल गोस्वामी, छोटू सिंह, गुड्डू तिवारी, रवि मेहता, प्रभंजन कुमार सिंह, भोला पासवान, दिनेश चौधरी, मनोज गुप्ता एवं बड़ी संख्या में स्त्री- पुरुषमौजूद रहे।

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shyam ji

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