भाई से सम्पति की नहीं विपत्ति की बटवारे करो , रामनारायण दास

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रिपोर्टर-अंगद कुमार

जीरादेई: प्रखण्ड क्षेत्र के भरौली मठ में चल रहे रुद्र चंडी महायज्ञ के आठवें दिन मंगलवार को परम् संत रामनारायण दास जी महाराज ने प्रवचन करते हुए भगवान श्रीराम व भाई भरत के बीच के प्रसंग को बताएं ।महाराज ने कहा कि जब भगवान श्री राम के बहुत मनाने के बाद भी भरत अपनी हठ पर ठीके थे कि प्रभु आपको अयोध्या वापस चलना ही है तो इस पर भगवान से भारत जी से कहा कि भाई आज हम लोग बटवारा कर ले ।इस बात पर भरत जी रोने लगे कि प्रभु जब तक मेरे शरीर में प्राण रहेगा तब तक कोई मुझे प्रभु श्री राम से दूर नहीं कर सकता है ।इस बात पर प्रभु श्री राम ने कहा कि भरत हम लोग सम्पति की बटवारा नहीं कर रहे है बल्कि बिपति की बटवारा करने की बात कर रहे है ।महाराज ने कहा कि राम के भाईयों का आदर्श प्रेरणादायक है अगर हम सब उसका पालन करें तो किसी भी परिवार में झगड़ा नहीं होगा ,सभी लोग खुश रहेंगे तथा घर में लक्ष्मी का बास बना रहेगा । महाराज जी ने कहा कि इस संसार में माता पिता व गुरु से बढ़कर कोई पूज्य नहीं है ।उन्होंने बताया कि ईश्वर भी तभी खुश रहते है जब माता पिता प्रसन्न रहें ।इस मौके पर दिवाकर मिश्र ,आचार्य अरविंद मिश्र , आचार्य केन बाबा ,प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ,हरिकांत सिंह , विकास सिंह ,नन्द जी चौधरी ,उप प्राचार्य विजय कुमार ,सोहम कुमार ,डॉ प्रकाश ,डॉ विजय शंकर साह ,सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे ।

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shyam ji

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