मुख्यमंत्री आज करेगें राज्य में टेलीमेडिसीन सेवा का शुभारंभ

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वैशाली

– 1700 स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलेगी टेलीमेडिसीन की सुविधा
– 9 स्वास्थ्य केंद्रों में शुभारंभ के साथ होगा टू वे कम्युनिकेशन
– सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आसान हो जाएगी चिकित्सा

राज्य सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्येश्य से पूरे बिहार में 1700 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ई संजीवनी यानि टेलीमेडिसीन का शुभारंभ करने जा रही है। जिसका शुभारंभ रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेगें। वह टेलीमेडिसीन के साथ ही अश्विन पोर्टल, वंडर एप तथा एम्बुलेंस एप का भी शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ के लिए चयनित 9 स्वास्थ्य उपकेंद्रों तथा उनके संबंधित हब के साथ टू वे कम्युनिकेशन भी स्थापित किया जाएगा। जिन जिलों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों से टू वे कम्युनिकेशन किया जाएगा उनमें वैशाली, पूर्णिया, नालंदा, पटना तथा सिवान के स्वास्थ्य उपकेंद्र तथा उनके हब शामिल हैं।
मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा प्रथम चरण में राज्य के चयनित 1700 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ई संजीवनी के माध्यम से ओपीडी की सेवा मरीजों को दी जानी है। इस संबंध में अन्य व्यवस्थाएं जैसे चिकित्सक और एएनएम की मैपिंग भी कर ली गयी है| संबंधित केंद्रों पर कम्प्यूटर, हेडफोन माइक के साथ, वेबकैम की उपलब्धता के साथ प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
वैशाली में हुआ ड्राई रन
सिविल सर्जन डॉ इन्द्रदेव रंजन ने बताया कि ई संजीवनी की सुविधा को सुचारु रुप से चलाने के लिए सहदेई स्वास्थ्य केंद्र और कुम्हरकौल स्वास्थ्य उपकेंद्र में ड्राई रन का आयोजन किया गया। जिसमें डीआरयू सहित अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी भी शामिल थे।

 

निर्बाध टेलीमेडिसीन की समुचित व्यवस्था
सिविल सर्जन के मुताबिक मरीजों को टेलीमेडिसीन का लाभ निर्बाध रूप से मिले इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य स्पोक्स पर दो लैपटॉप,यूपीएस,वेबकास्टिंग के लिए टीबी स्क्रीन या प्रोजेक्टर साउंड सिस्टम के साथ, कम से कम दो प्रदाताओं का इंटनेट बेहतर स्पीड के साथ तथा एएनएम को अनमोल टैबलेट जिसमें अपग्रेडेड सीयूजी सीम लगा हो, मिलेगा।
आसान हो जाएगी चिकित्सा
टेलीमेडिसीन के माध्यम से गांवों में चिकित्सा आसान हो जाएगी। वहीं जिला अस्पतालों में भी भीड़ की कमी होगी। इनसे वैसे क्षेत्रों को खास तौर पर आसानी होगी जिन गांवों से मुख्य अस्पताल दूर हैं। गांवों में रहते हुए उन्हें विशेषज्ञों डाक्टरों के द्वारा बेहतर चिकित्सा उपलब्ध हो पाएगी।

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shyam ji

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